एक अलग ढंग का डिजिटल संस्करण
ज़्यादातर प्राथमिक स्रोत कभी प्रकाशित नहीं होते। अनुदान पर टिके डिजिटल संस्करण का मॉडल इतना महँगा, इतना केंद्रीकृत और इतना नाज़ुक है कि बड़े पैमाने पर चल ही नहीं सकता। इसीलिए मैं …
ज़्यादातर प्राथमिक स्रोत कभी प्रकाशित नहीं होते। अनुदान पर टिके डिजिटल संस्करण का मॉडल इतना महँगा, इतना केंद्रीकृत और इतना नाज़ुक है कि बड़े पैमाने पर चल ही नहीं सकता। इसीलिए मैं …