एक नज़र में पूरा अभिलेखागार

24 मई 2021·
Clément Godbarge
Clément Godbarge
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समस्या

ऐतिहासिक अभिलेखागार डरावनी हद तक अस्त-व्यस्त हो सकते हैं। फ़्लोरेंस के राज्य अभिलेखागार का Mediceo del Principato इसकी सटीक मिसाल है। उसका बस एक छोटा-सा हिस्सा सूचीबद्ध है, और उसके बहुत-से दस्तावेज़ बिना किसी ज़ाहिर वजह के 6,500 से ज़्यादा जिल्दों में बिखरे पड़े हैं। मुश्किल यहीं ख़त्म नहीं होती: अभिलेखागार एक बार में सीमित संख्या में ही जिल्दें (या filze – फ़ाइल/बस्ता – जैसा वहाँ कहते हैं) देखने देता है। सामान्य दिनों में यह सीमा प्रतिदिन 4 filze की है। महामारी के दौर में यह घटकर हर दो हफ़्ते में 4 रह गई है। विस्तृत सूचियों के अभाव में अभिलेखागार का विशाल आकार शोधकर्ताओं को मजबूर करता है कि वे मनचाहे दस्तावेज़ जल्दी ढूँढ़ने की रणनीतियाँ गढ़ें।

समाधान

कुछ लोग क़िस्मत पर छोड़ देते हैं; कुछ अन्य कालक्रम, प्राप्तकर्ता, लेखक, अभिलेख-समूह के उद्गम, भाषा वग़ैरह के आधार पर सोच-समझकर अंदाज़ा लगाने की कोशिश भी करते हैं। लेकिन इन सारे चरों को एक साथ देखने से अभिलेखागार की बनावट के अप्रत्याशित पैटर्न उभर सकते हैं और हमारे अनुमान बेहतर हो सकते हैं। मेरा अनुभव कहता है कि जो मेटाडेटा शोधकर्ता आम तौर पर किसी स्प्रेडशीट में इकट्ठा करते हैं, उसे ग्राफ़ में उतार दिया जाए तो अभिलेखागार में स्थिति-बोध काफ़ी बढ़ जाता है।

प्रयोग

मेरा वर्तमान शोध सोलहवीं सदी के एक जासूस के पत्र-व्यवहार पर केंद्रित है। उसके पत्र सैकड़ों filze में फैले हुए हैं। वे अलग-अलग पहचानों से, अलग-अलग और कभी-कभी अप्रत्याशित प्राप्तकर्ताओं को, अलग-अलग जगहों से लिखे गए हैं, और भी बहुत कुछ। जिन filze में अपेक्षित पत्र मिलने की संभावना ज़्यादा है, उन्हें ढूँढ़ने के लिए मैंने एक डैशबोर्ड बनाया है – इंटरैक्टिव डेटा विज़ुअलाइज़ेशन का एक वेब ऐप्लिकेशन (Plotly Dash) – जो हर तरह के डेटा को, भौगोलिक और कालक्रमिक जानकारी समेत, अभिलेख-समूह के एक श्रेणीबद्ध आरेख (sunburst) से जोड़ देता है। डैशबोर्ड मुझे एक नज़र में बता देता है कि अब तक क्या मिला है, वह कुल का कितना हिस्सा है, और मोटे तौर पर यह भी कि नए पत्र कहाँ ढूँढ़े जा सकते हैं। किसी ख़ास चर पर क्लिक करते ही सारे आरेख ख़ास सहसंबंध दिखाने के लिए अपडेट भी हो जाते हैं।

अगले क़दम

शायद इससे भी अहम बात यह है कि इस डैशबोर्ड को एक दृश्य अनुक्रमणिका के रूप में नए काम में लाया जा सकता है। जब इन पत्रों का आलोचनात्मक संस्करण ऑनलाइन प्रकाशित होगा, तो यह डैशबोर्ड एक वैकल्पिक प्रवेश-द्वार का काम करेगा, जहाँ से पाठक डेटा में घूम-फिर सकेंगे। गोपनीयता के कारणों से फ़िलहाल मैं सिर्फ़ एक ढका-छिपा स्क्रीनशॉट दिखा सकता हूँ, लेकिन अगले साल पूरा डैशबोर्ड जारी करूँगा। तब तक एक प्रोटोटाइप जल्द ही उपलब्ध होगा। इंतज़ार कीजिए!

Clément Godbarge
लेखक
डिजिटल मानविकी के प्राध्यापक
क्लेमां गोदबार्ज सेंट एंड्रूज़ विश्वविद्यालय में डिजिटल मानविकी के प्राध्यापक हैं। उनका शोध आरंभिक आधुनिक यूरोप में शासन के विज्ञान और कला पर केंद्रित है। अपनी आगामी पुस्तक में वे दिखाते हैं कि सोलहवीं सदी में फ़्रांस और इटली के राजदरबारों से जुड़े चिकित्सकों ने ख़ुद को एक नए ढंग के राजनीतिक विशेषज्ञ के रूप में कैसे प्रस्तुत किया। उनके शोध को एंड्रू डब्ल्यू. मेलन फ़ाउंडेशन, फ़ुलब्राइट आयोग, रेनेसाँस सोसाइटी ऑफ़ अमेरिका और हार्वर्ड विश्वविद्यालय का सहयोग मिला है।